सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने मशरूम की खेती शुरू करने की तैयारी कर रहे एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया। पीड़ित किसान ने मशरूम के बीज खरीदने के लिए गूगल पर एक विक्रेता का मोबाइल नंबर खोजा था, लेकिन यह नंबर साइबर ठग का निकला। आरोपी ने खुद को हिमाचल प्रदेश के सोलन का मशरूम बीज व्यापारी बताकर भरोसा जीता और तीन दिनों के भीतर पीड़ित के बैंक खाते से 2 लाख 76 हजार रुपये निकाल लिए। मामले में थाना जनकपुरी पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आपको बता दें कि थाना जनकपुरी थाना इलाके की भरत वाटिका कॉलोनी निवासी मनमोहन सिंह पुत्र गुरनाम सिंह मशरूम की खेती करना चाहते थे। इसके लिए उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाले मशरूम बीज की आवश्यकता थी। 11 जून को उन्होंने गूगल पर मशरूम बीज विक्रेताओं के मोबाइल नंबर सर्च किए। इसी दौरान उन्हें अमित मिश्रा नाम के व्यक्ति का एक मोबाइल नंबर मिला। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क किया और मशरूम बीज खरीदने की इच्छा जताई। फोन पर बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को हिमाचल प्रदेश के सोलन का मशरूम बीज सप्लायर बताया। उसने दावा किया कि वह लंबे समय से मशरूम बीज का कारोबार कर रहा है और बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराता है।
बातचीत के बाद आरोपी ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर जोड़ लिया और बीज भेजने की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर कई जानकारियां और जरूरी दस्तावेज मांगे। आरोपी की बातचीत और व्यवहार इतना भरोसेमंद था कि मनमोहन सिंह को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। पीड़ित किसान का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने ऑनलाइन भुगतान और बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उन्हें अलग-अलग निर्देश दिए। कभी एडवांस भुगतान की बात कही गई तो कभी बैंकिंग वेरिफिकेशन का हवाला दिया गया। इसी दौरान आरोपी ने उन्हें अपने झांसे में लेकर ऐसी प्रक्रिया अपनाई कि उनके बैंक खाते से लगातार तीन दिनों तक रकम निकलती रही।
पीड़ित मनमोहन सिंह के मुताबिक उनके केनरा बैंक की कैलाशपुर शाखा के खाते से 11 जून को 89 हजार 500 रुपये, 12 जून को 97 हजार रुपये और 13 जून को फिर 89 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 2 लाख 76 हजार रुपये उनके खाते से निकल गए। जब उन्हें लगातार हो रहे ट्रांजैक्शन पर संदेह हुआ तो उन्होंने अपने बैंक खाते का विवरण देखा। तब उन्हें पूरी ठगी का पता चला। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक से संपर्क किया और फिर जनकपुरी थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों और ट्रांजैक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और उसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी ऑनलाइन लेनदेन के दौरान धोखाधड़ी का संदेह हो तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते शिकायत मिलने पर कई मामलों में रकम को होल्ड कराने या रिकवर करने की संभावना बढ़ जाती है।

